Wednesday, May 13, 2009

काश !!

दिल टूट जाता है , साँसे टूटती क्यूँ नहीं , धड़कनें रूकती क्यूँ नहीं !

जिंदगी छुट जाती है, पर मौत भी आती यूँ नहीं,कहती है -कुछ साँसे बाकी है अभी !!

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काश ! मुलाकात न हुई होती ,

काश ! बात न हुई होती ,

काश ! दोबारा न मिले होते ,

काश ! दोस्ती न हुई होती ।

काश ! उनका साथ न पाया होता ,

यूँ दिल न लगाया होता ।

काश ! दोस्ती गहरी नही हुई होती ,

काश ! दोस्ती मोहब्बत न बनी होती।

काश ! इकरार न किया होता !

प्यार का इज़हार न किया होता !

काश ! जिंदगी थोडी जूदा होती ,

काश ! उनकी यादें थोडी बेवफा होती !

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काश ! हम भी जिंदगी जी पाते

उन्हें याद न कर हम भी रह जाते !

काश ! ख्वाब न देखा होता ,

काश ! सपना ना टूटा होता ।

काश ! रात न हुई होती,

काश ! दिन न गुज़रा होता ।

काश ! जिंदगी थोडी जुदा होती !

काश ! उनकी यादें थोडी बेवफा होती !!

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