दिल टूट जाता है , साँसे टूटती क्यूँ नहीं , धड़कनें रूकती क्यूँ नहीं !
जिंदगी छुट जाती है, पर मौत भी आती यूँ नहीं,कहती है -कुछ साँसे बाकी है अभी !!
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काश ! मुलाकात न हुई होती ,
काश ! बात न हुई होती ,
काश ! दोबारा न मिले होते ,
काश ! दोस्ती न हुई होती ।
काश ! उनका साथ न पाया होता ,
यूँ दिल न लगाया होता ।
काश ! दोस्ती गहरी नही हुई होती ,
काश ! दोस्ती मोहब्बत न बनी होती।
काश ! इकरार न किया होता !
प्यार का इज़हार न किया होता !
काश ! जिंदगी थोडी जूदा होती ,
काश ! उनकी यादें थोडी बेवफा होती !
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काश ! हम भी जिंदगी जी पाते
उन्हें याद न कर हम भी रह जाते !
काश ! ख्वाब न देखा होता ,
काश ! सपना ना टूटा होता ।
काश ! रात न हुई होती,
काश ! दिन न गुज़रा होता ।
काश ! जिंदगी थोडी जुदा होती !
काश ! उनकी यादें थोडी बेवफा होती !!
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